क्या PVT Ltd कंपनी प्रेस कार्ड जारी कर सकती है?

क्या PVT Ltd कंपनी प्रेस कार्ड जारी कर सकती है?: अगर आप किसी डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े है या किसी न्यूज पोर्टल वेबसाइट कम्पनी के मालिक है तो, अक्सर ही आपको कुछ बातें सुनने को मिलती होंगी की डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता नहीं कर सकती क्योंकि वह प्रेस कार्ड जारी नहीं कर सकती या उसके पास प्रेस कार्ड जारी करने का पावर नहीं है।

प्रेस कार्ड
प्रेस कार्ड

प्रेस कार्ड से जुडी कुछ महत्पूर्ण बातें

प्रेस कार्ड जारी करने की पावर किसके पास है?

दोस्तों प्रेस कार्ड जारी करने की पावर वास्तव में देखे तो सिर्फ प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पास है।

क्या डिजिटल मीडिया किसी प्राइवेट कम्पनी के रूप में प्रेस कार्ड जारी कर सकती है?

डिजिटल मीडिया एक खबर प्रदान करने वाली प्राइवेट कम्पनी के रूप में काम कर सकती है, पर यह प्राइवेट कंपनी प्रेस कार्ड जारी नहीं कर सकती है।

न्यूज पोर्टल पत्रकार प्रेस कार्ड कैसे प्राप्त करें?

एक न्यूज पोर्टल कम्पनी कभी भी प्रेस कार्ड जारी नहीं कर सकती है, इसके लिए न्यूज पोर्टल मालिक को अपने न्यूज पोर्टल कम्पनी के नाम से एक अखबार जारी कर के उसका आरएनआई रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।

क्या है आरएनआई (RNI) रजिस्ट्रेशन?

प्रेस और पुस्तक पंजीयन अधिनियम, 1867 के तहत समाचार पत्रों का पंजीयन या रजिस्ट्रेशन को ही आरएनआई रजिस्ट्रेशन कहते है।

अगर आपको अपने न्यूज़ पेपर का नाम रजिस्टर्ड करवाना है तो इसके लिये आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं है बल्कि भारत सरकार के ही संस्थान रजिस्ट्रार न्यूज़ पेपर आफ इंडिया(RNI – office of Registrar of Newspapers for India) ने इसके लिये आनलाइन सेवायें शुरू कर दी है जो आपके लिए घर बैठे पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध कराती है।

अगर आपको आरएनआई रजिस्ट्रेशन से सम्बंधित पूरी जानकारी प्राप्त करनी है तो हमारे वेबसाइट के “भारत में न्यूज़ पेपर शुरू करने की प्रक्रिया क्या है?” वाले ब्लॉग को पढ़ें।

प्राइवेट न्यूज पोर्टल कंपनी के वर्कर प्रेस कार्ड के सिवाय अपनी पहचान कैसे बताए?

निम्नलिखित स्टेप है जिससे एक प्राइवेट न्यूज पोर्टल कम्पनी के वर्कर अपनी पहचान बता सकते है;

  • प्राइवेट कंपनी अपने वर्करों को, अपने डिजिटल मीडिया नेटवर्क की तरफ से आई कार्ड इश्यू कर सकती है।
  • आई कार्ड में वर्कर का नाम एवं अन्य जरूरी जानकारियां मौजूद रहेंगी।
  • प्राइवेट कम्पनी के उस आईडी कार्ड में आरएनआई नम्बर के स्थान पर उस कम्पनी का एमएसएमई रजिस्ट्रेशन नम्बर लिख सकती है।

क्या न्यूज पोर्टल मीडिया को जनसंपर्क कार्यालय की अधिमान्यता प्राप्त हो सकती है?

बिल्कुल, अगर आप एक खबर प्रदान करने वाली कम्पनी है तो आप अपने कम्पनी की तरफ से जनसंपर्क कार्यालय की अधिमान्यता प्राप्त कर सकते है, इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे;

  • कम्पनी के लेटरहेड पर अपने जिले के जनसंपर्क कार्यालय के नाम पर एक आवेदन लिखे।
  • आवेदन में अपने कम्पनी का नाम पता, पेशा व अन्य विवरण दर्ज करें।
  • कम्पनी के विवरण में एमएसएमई  रजिस्ट्रेशन नम्बर की जानकारी दर्ज करें।
  • अपने कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की जानकारी दर्ज करें।
  • आवेदन में यह भी मेंशन करे कि आपने एमआईबी को अपने न्यूज पोर्टल कम्पनी की पूरी जानकारी दे दी है।

उक्त आवेदन को पढ़ने के उपरांत सम्भावना है कि आपके कम्पनी को भी जनसंपर्क कार्यालय में लिस्टेड कर दिया जाए। इससे आपको सारी प्रकाशन योग्य सरकारी खबरे प्राप्त होती रहेगी।

क्या है एमएसएमई रजिस्ट्रेशन?

  • एमएसएमई रजिस्ट्रेशन(News Portal MSME Registration) एक माध्यम है अपनी डिजिटल मीडिया कम्पनी या न्यूज पोर्टल कम्पनी को सरकारी मानकों में रजिस्टर्ड करने की।
  • एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन के बाद जो रजिस्ट्रेशन नम्बर प्राप्त होगा, न्यूज पोर्टल कम्पनी उस रजिस्ट्रेशन नम्बर को एक आई कार्ड नम्बर की तरह यूज कर सकते है।

क्या है कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन?

भारतीय कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के अधीन किसी भी कंटेंट का कॉपीराइट करना एक जुर्म माना गया है और इसमें सजा का प्रावधान है।

अतः इस कॉपीराइट अधिनियम का लाभ उठाने के लिए हर डिजिटल मीडिया को कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए, ताकि उसका कंटेंट कोई और कॉपी करे तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जा सके।

हम अपने दर्शकों को यह बता दे कि कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन एक सुविधा जरूर है परन्तु अनिवार्य नहीं है।

कॉपीराइट रिजस्ट्रेशन कैसे करें?

कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया करने के लिए भारतीय कॉपीराइट कार्यालय की वेबसाइट पर जाके फॉर्म आपको भरना होता है, उस फार्म को भरने के साथ कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया;

  • कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की ऑफिशियल साइट ओपन करें।
  • यूजरनेम और पासवर्ड डाले।
  • कैप्चा डालकर सबमिट करें।
  • अगर आप न्यू यूजर हैं तो फिर न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करे।
  • पूछी गयी जानकारी भरे।
  • पहले अपना पर्सनल डिटेल भरे।
  • आप जिस काम के लिए कॉपीराइट का आवेदन कर रहे हैं वह भरे।
  • कॉपीराइट आपका अपना है या फिर आप कम्पनी के प्रतिनिधि है ये भी घोषित करे।
  • कंटेंट की एक हेडिंग दें।
  • वेबसाइट की भाषा भरे।
  • फार्म सबमिट करे।

फॉर्म भरने के बाद आपको कुछ संलग्न भी अपलोड करना होगा जिसका विवरण नीचे है;

  • अनापत्ति प्रमाण पत्र
  • काम की 3 प्रतियां (यानी कि अगर आप किसी इमेज के लिए कॉपीराइट का आवेदन कर रहे हैं तो उस इमेज का तीन प्रति)
  • प्रकाशक से अनापत्ति प्रमाण पत्र
  • प्रकाशक का नाम पता नागरिकता
  • इसके साथ ही आपको ₹50 से लेकर ₹600 तक का फीस देना होता है।

इस तरह आपने अपना कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन कर लिया है। अब आप इस कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन करने के बाद अपने चोरी हुए किसी भी कंटेंट की भरपाई के लिए कानूनी सहायता ले सकते है।

ऑफ़लाइन कॉपीराइट पंजीकरण कैसे करें

हमारे डिजिटल मीडिया के पाठकों को हम बता दे कि अगर आप ऑफलाइन अपने कंटेंट के कॉपीराइट का अधिकार लेना चाहते हैं तो यही प्रक्रिया कॉपीराइट कार्यालय में जाकर फॉर्म जमा कर सकते हैं।

कॉपीराइट कार्यालय का ऑफिस दिल्ली में द्वारका में है यहां पर आप भौतिक तौर पर भी जमा कर सकते हैं या स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक से भी भेजा जा सकता है।

अगर आप दिल्ली या द्वारका का निवासी है तो कॉपीराइट कार्यालय के ऑफिस में अपना सभी दस्तावेज एवं वो मोबाइल या कंप्यूटर जिसमें सामग्री रखी गई है उसे लेकर जा सकते हैं और फॉर्म भर कर जमा कर सकते हैं।

कॉपीराइट का उल्लंघन कब माना जाता है?

अपने यूजर्स को हम बता दे कि आपके द्वारा बनाया हुआ कोई भी कंटेंट जैसे लेखन, न्यूज कंटेंट, फिल्म डिजाइन, कला इत्यादि पर आपका पूरा कानूनी अधिकार होता है, अगर आप इन सब चीजों के लिए कॉपीराइट का अधिकार ले चुके हैं।

सबसे मुख्य बात यह है कि अगर आपके द्वारा बनाया हुआ कंटेंट कोई पर्सनल इस्तेमाल के लिए लेता है तो जायज है लेकिन अगर वह उस कॉन्टेंट का प्रचार प्रसार करता है या बेचता है आपके मर्जी के बिना तो फिर यह कानून का उल्लंघन है।

कॉपीराइट एक्ट में दोषी को क्या सजा है?

  • अपने यूजर्स को हम बता दे कि अगर आपके कंटेंट को कोई और कॉपी कर रहा है तो आप अपने कंटेंट के स्वामी होने के नाते उसका बचाव के लिए कंप्लेंट दर्ज करवा सकते हैं। अगर आपके कंटेंट को आपके अनुमति के बिना इंटरनेट पर इस्तेमाल किया गया है तो उसे रिमूव किया जाएगा या किसी भी तरह से इस्तेमाल करने वालों के ऊपर कार्रवाई हो सकती है।
  • हम यह भी बता दे कि अगर कोई कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन करता है और दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा एवं आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • कॉपीराइट का अधिकार वाला व्यक्ति डैमेज क्लेम कर सकता है यानी कि जिसने कॉपीराइट का उल्लंघन करके कोई कंटेंट का इस्तेमाल जितना भी पैसे कमाने में किया है उतना पैसे का डैमेज क्लेम होता है।
  • इसलिए आप कहीं से भी फोटो वीडियो या अन्य सामग्री लेते समय उसके कॉपीराइट का पॉलिसी जरूर पढ़े और तभी इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस लेख में हमने यह जाना कि एक प्राइवेट कम्पनी का पत्रकार प्रेस आईडी भरसक जारी नही कर सकता परन्तु वह हर उस मंच तक जा सकता है जहाँ एक प्रेस कार्ड धारक जा सकते है, क्योंकि आपकी कम्पनी भी खबरों के आदान प्रदान करने काली एमएसएमई में रजिस्टर्ड कम्पनी है और आपने अपनी इस कम्पनी का पूरा विवरण एमआईबी को दिया हुआ है।
अतः डीपीआरओ से नामांकित होते ही हर उस मंच पर आपको स्थान मिलेगा जहां एक प्रेस कार्ड धारी पत्रकार का स्थान है।

अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी पसंद आई है तो अपने दोस्तों के साथ इस जानकारी को जरुर शेयर करें और यदि इस विषय में हमसे आप और कुछ बात करना चाहते हैं तो आप अपनी प्रतिक्रियाओं के रूप में नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिखकर हम तक जरुर पहुचाएं क्योंकि आपके सुझाव और विचार हमारे लिए मूल्यवान है।

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