प्रेस कार्ड क्या है? ओरिजिनल प्रेस कार्ड को कैसे पहचानें?

अगर आप पत्रकारिता में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो प्रेस कार्ड आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है। प्रेस कार्ड पत्रकारों को मान्यता देता है। प्रेस कार्ड ही ऐसी चीज़ जिसके होने पर पत्रकार अपनी पहचान समाज और कानून के समक्ष रखता है। प्रेस कार्ड ना केवल पत्रकारों को मान्यता देता है बल्कि लीगल पत्रकार होने पर अनेकों सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलता है। 

प्रेस कार्ड के होने पर ही आपको बड़े सरकारी आयोजनों में एंट्री मिलती है। लेकिन ध्यान रहे की प्रेस कार्ड हर कोई जारी नहीं कर सकता है। बाजार में डुप्लीकेट कार्ड देने वाले लोग भी मौजूद हैं जो आपको भविष्य में मुश्किल में डाल सकते हैं। इसलिए आज के इस ब्लॉग में हम प्रेस कार्ड के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। 

प्रेस कार्ड
प्रेस कार्ड

प्रेस कार्ड क्या है?

जानकारी के लिए बता दें कि एक प्रेस कार्ड, जिसे एक प्रेस क्रेडेंशियल के रूप में भी जाना जाता है, पत्रकारों और अन्य मीडिया पेशेवरों को जारी की जाने वाली पहचान का एक रूप है जो उन्हें कुछ घटनाओं, स्थानों और सूचनाओं तक पहुंचने की अनुमति देता है।

प्रेस कार्ड होने के फायदे क्या-क्या हैं?

यह एक पत्रकार को लीगल पहचान देता है। मान्यता प्राप्त पत्रकार न केवल क़ानूनी दांव-पेंचो से बचता है बल्कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ले पाता है। एक पत्रकार के पास यह कार्ड  होने के निम्नलिखित फायदे हैं:

यह कार्ड  ही है जिसकी मदद से पत्रकार उन घटनाओं और स्थानों तक पहुंच प्रदान कर सकता है जो आम जनता के लिए खुले नहीं हैं। इसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, राजनीतिक रैलियां, अपराध स्थल और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्र शामिल हैं।

यह कार्ड होने पर पत्रकारों को उनके काम में विश्वसनीयता और वैधता की भावना महसूस होती है। यह कार्ड दर्शाता है कि पत्रकार को उनके संगठन द्वारा उन्हें मीडिया के एक वैध सदस्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। प्रेस कार्ड होने ही पत्रकार को लोगों और सूचनाओं तक पहुंच प्राप्त करने में उनकी मदद कर सकता है। 

ये तो आप जानते ही हैं की पत्रकारों के खिलाफ अनेकों लीगल एक्शन चलते रहते हैं। ऐसे ही कुछ स्थितियों में, यह कार्ड  पत्रकारों के लिए एक स्तर की सुरक्षा और सुरक्षा प्रदान कर सकता है। यह उन्हें मीडिया के सदस्यों के रूप में पहचानने में मदद कर सकता है और प्रदर्शनकारियों या तमाशबीनों के लिए गलत होने से रोक सकता है। 

लीगल पत्रकारों को ही सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ मिलता है। कुछ संगठन और व्यवसाय उन पत्रकारों को छूट या अन्य सुविधाएं प्रदान करते हैं जिनके पास प्रेस कार्ड हैं। इसमें संग्रहालयों, संगीत कार्यक्रमों और अन्य कार्यक्रमों में कम प्रवेश, साथ ही यात्रा और आवास पर छूट शामिल हो सकती है।

यह कार्ड पत्रकारों को मीडिया उद्योग के अन्य पेशेवरों के साथ नेटवर्क बनाने में मदद कर सकता है। यह उन्हें अपने क्षेत्र के स्रोतों और विशेषज्ञों के साथ संबंध बनाने में भी मदद कर सकता है। लीगल होने पर पत्रकार निडर होकर पत्रकारिता कर सकता है और अपने खिलाफ हुए षड़यंत्र के खिलाफ अन्य पत्रकारों या पत्रकारों के संगठन से सहायता ले सकता है। 

कुल मिलाकर, यह कार्ड पत्रकारों और अन्य मीडिया पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण चीज़ है। जो उन्हें पहुंच, विश्वसनीयता, सुरक्षा, छूट और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करता है।

प्रेस कार्ड जारी करने का प्रोसेस क्या है?

प्रेस कार्ड

न्यूज़ एजेंसियों को सबसे पहले सरकारी रजिस्ट्रेशन(News Portal Registration) करवाना होता है। जिसके लिए उन्हें अपनी सम्पूर्ण जानकारी सरकार को देनी होती है। इसके बाद उन्हें एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। एक बार अगर ये नंबर उन्हें मिल जाता है तो ये एजेंसियां अपने पत्रकारों के आईडी कार्ड पर व्ही नंबर प्रिंट कर उन्हें कार्ड जारी कर सकती हैं। अगर डिजिटल मीडिया की बात की जाए तो वे भी RNI रजिस्ट्रेशन या उद्यम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा कर अपने पत्रकारों को यह कार्ड  जारी कर सकते हैं।

फ्रीलान्स पत्रकार कैसे प्रेस कार्ड जारी करें इसकी जानकारी हमने अपने दूसरे आर्टिकल में दी है। इसे जानने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रेस कार्ड कौन जारी करता है?

यह कार्ड हमेशा संपादक ही जारी करता है। बता दें की जब आप RNI रजिस्ट्रेशन या उद्यम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करते हैं तो वहां पर संपादक का नाम भी मेंशन करना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए नाम वाले संपादक ही यह कार्ड जारी करते हैं। ध्यान रहे की आपके अख़बार में या डिजिटल मीडिया में क्या खबरें जाएंगी इसका निर्णय भी संपादक का ही होता है।

असली प्रेस आई कार्ड कैसे पहचानें?

ओरिजिनल प्रेस कार्ड एक रजिस्टर्ड मीडिया द्वारा ही जारी किया जा सकता है। जैसे की RNI से रजिस्टर्ड मीडिया , PIB से रजिस्टर्ड मीडिया , उद्यम पोर्टल से रजिस्टर्ड मीडिया। बता दें की डिजिटल मीडिया अपने कार्ड पर डिजिटल मीडिया लिख सकता है। लेकिन प्रेस लिखना उनके लिए गलत होता है। कोई प्रेस कार्ड डिजिटल मीडिया का है या प्रिंट मीडिया का इसकी पहचान उसपर लिखे नंबर से होती है।

अगर आप रजिस्टर्ड अख़बार से यह कार्ड  प्राप्त कर रहे हैं तो आप उस नंबर की जानकारी RNI के पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं। जहां पर संपादक का नाम और लीगल पता भी आपको मिल जाता है। हालाँकि यहां किसी एक प्रेस कार्ड के विषय में जानकारी नहीं मिलेगी यहां पर उस अख़बार के बारे में जानकारी मिलेगी जिसने ये जारी किया है।

डिजिटल मीडिया के प्रेस कार्ड की क़ानूनी मान्यता जानने के लिए आप ये जानें की उन्होंने MSME रजिस्ट्रेशन(MSME Registration For News Portal) करवा रखा है या नहीं। उनका न्यूज़ पोर्टल सही है या नहीं। उनके पोर्टल के अबाउट अस सेक्शन में रजिस्टर्ड होने की जानकारी है या नहीं।

निष्कर्ष

तो आज के इस आर्टिकल में हमने जाना की प्रेस कार्ड क्या है? ओरिजिनल प्रेस आई कार्ड को कैसे पहचानें? ये क्यों इतना महत्वपूर्ण है और क्या सुविधाएं इसके होने पर एक पत्रकार को मिलती है। डिजिटल मीडिया और इससे सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए बनें रहिए 7k Network के साथ।

FAQs

प्रेस कार्ड क्या है?

प्रेस कार्ड एक लीगल पहचान है जो पत्रकारों को मान्यता देता है।

क्या डिजिटल मीडिया प्रेस कार्ड जारी कर सकता है ?

हाँ, डिजिटल मीडिया उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर्ड होकर अपने पत्रकारों को प्रेस कार्ड जारी कर सकता है?

क्या डिजिटल मीडिया कार्ड पर प्रेस लिख सकता है?

नहीं , क़ानूनी रूप से डिजिटल पत्रकारों को प्रेस नहीं डिजिटल मीडिया लिखना सही रहता है। 

न्यूज़ पोर्टल के रजिस्ट्रेशन के लिए कहाँ अप्लाई करें?

न्यूज़ पोर्टल के रजिस्ट्रेशन के लिए उद्यम पोर्टल , RNI , Pvt LTD ,ISO रजिस्ट्रेशन के तहत रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

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